दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल की खूबसूरती देखने आए सैलानियों के लिए अब एक बड़ा खतरा खड़ा हो गया है। आगरा के इस ऐतिहासिक स्मारक के पूर्वी गेट पर रविवार को बंदरों ने एक दक्षिण कोरियाई महिला पर्यटक पर हमला कर दिया। बंदर के काटने से पर्यटक के हाथ से खून बहने लगा, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
ताजमहल परिसर में दहशत का माहौल
पीड़ित महिला पर्यटक ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुंची थी, तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान एक बंदर ने झपट्टा मारकर महिला के हाथ को काट लिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवान वहां पहुंचे।
जवानों ने फौरन महिला को प्राथमिक उपचार मुहैया कराया और उन्हें अस्पताल भिजवाया। इस घटना के बाद से पर्यटकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही परेशान हैं।
बंदरों का बढ़ता उत्पात: एक पुरानी समस्या
ताजमहल परिसर और उसके आसपास के इलाकों में बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। आए दिन पर्यटकों से खाने-पीने का सामान छीनना और उन पर हमला करने की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार पर्यटक बंदरों से अपना सामान बचाने के चक्कर में भी घायल हो जाते हैं।
- पूर्वी गेट पर अक्सर झुंड में सक्रिय रहते हैं बंदर।
- भोजन के लालच में पर्यटकों को बनाते हैं निशाना।
- प्रशासनिक दावों के बावजूद स्थिति जस की तस।
मायने और प्रभाव
ताजमहल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल पर ऐसी घटनाएं देश की छवि पर सीधा असर डालती हैं। यदि सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो विदेशी पर्यटकों की संख्या पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन को अब बंदरों को नियंत्रित करने के लिए एक स्थाई कार्ययोजना की जरूरत है। केवल प्राथमिक उपचार ही काफी नहीं है; पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एएसआई (ASI) और जिला प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। क्या हम किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं?


