उन्नाव के कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल से लौट रही एक छात्रा को दिनदहाड़े रास्ते में रोककर बुरी तरह पीटा गया। आरोपी युवक की जिद सिर्फ इतनी थी कि पीड़िता उससे फोन पर बात करे और शादी के लिए तैयार हो जाए। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि गांव का ही रहने वाला नितिन लंबे समय से उसे परेशान कर रहा है। आरोपी का दावा है कि वह उससे एकतरफा प्यार करता है और लगातार मोबाइल पर बात करने का दबाव बना रहा है। छात्रा के बार-बार मना करने के बावजूद युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।
बीती 18 जुलाई की शाम जब छात्रा स्कूल से अपने घर लौट रही थी, तभी नितिन ने उसे बीच रास्ते में रोक लिया। आरोपी ने पहले तो पीड़िता के साथ गाली-गलौज की और जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो उसने मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं, युवक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है।

पुलिस की कार्रवाई
इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर उन्नाव कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाल अरविंद कुमार कटियार के अनुसार, आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
मायने और प्रभाव
- सुरक्षा का सवाल: सरेराह एक छात्रा का रास्ता रोककर पीटना पुलिस व्यवस्था और स्थानीय सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान लगाता है।
- मनोवैज्ञानिक पहलू: एकतरफा प्यार के नाम पर महिलाओं पर दबाव बनाना और अस्वीकृति मिलने पर हिंसा करना एक आपराधिक मानसिकता है, जिसे कड़ाई से कुचलने की जरूरत है।
- समाज की जिम्मेदारी: ऐसे मामलों में केवल पुलिस कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि समाज के जागरूक नागरिकों को भी आगे आकर ऐसी विकृत मानसिकता के खिलाफ खड़े होने की आवश्यकता है।



