कानपुर में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। चकेरी थानाक्षेत्र के रहने वाले एक व्यापारी को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाना इतना महंगा पड़ा कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई गवां दी। मुनाफे का लालच देकर ठगों ने एक-दो नहीं, बल्कि 26.90 लाख रुपये की चपत लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
शिवकटरा निवासी व्यापारी प्रमोद गुप्ता सितंबर 2025 में साइबर ठगों के शिकार हुए। ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश का झांसा दिया। आरोपियों ने खुद की पहचान देहरादून और झारखंड के निवासी के रूप में दी थी और एक फर्जी ‘बडी एक्स’ कंपनी के नाम पर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया।
कैसे हुआ खेल?
- सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच ठगों ने व्यापारी से अलग-अलग किस्तों में 26.90 लाख रुपये जमा करवाए।
- विश्वास जीतने के लिए शुरुआती दौर में ठगों ने उन्हें 20 से 30 हजार रुपये का ‘मुनाफा’ भी दिया।
- जनवरी 2026 में जब व्यापारी ने अपनी मूल रकम और मुनाफे की मांग की, तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया।
पीड़ित व्यापारी ने चकेरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के अनुसार, मामले की जांच साइबर सेल के माध्यम से की जा रही है और ठगों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है।
मायने और प्रभाव
यह घटना कानपुर के लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। साइबर ठग अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बेहद शातिराना तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। छोटी रकम का लालच देकर बड़ी जमा-पूंजी ऐंठना इनका पुराना पैटर्न है। आम जनता को चाहिए कि किसी भी अनजान लिंक या निवेश स्कीम पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश से पहले कंपनी की साख और सेबी (SEBI) जैसे निकायों से उसकी मान्यता की जांच जरूर करें। सतर्कता ही इस डिजिटल दौर में आपकी गाढ़ी कमाई की एकमात्र सुरक्षा है।

