इटावा लायन सफारी में शेरनियों के बीच हुई आपसी जंग के बाद एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सफारी की शेरनी ‘राधिका’ को गंभीर रूप से घायल होने के बाद अपनी पूंछ गंवानी पड़ी है। इस सर्जरी के बाद अब पूरे सफारी प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 8 जुलाई को इटावा सफारी पार्क के भीतर दो शेरनियों, राधिका और नीरजा के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान नीरजा ने राधिका पर हमला कर दिया, जिसमें राधिका की पूंछ बुरी तरह जख्मी हो गई थी। घाव इतना गहरा था कि उसमें संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बना हुआ था।
मथुरा की विशेषज्ञ टीम ने किया उपचार
संक्रमण को शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए डॉक्टरों ने एम्पुटेशन (अंग विच्छेदन) का कठिन फैसला लिया। पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा से आई विशेषज्ञों की टीम ने राधिका की सर्जरी की और उसकी पूंछ का प्रभावित हिस्सा काट दिया गया।
सफारी की सुरक्षा पर उठे सवाल
- पशु व्यवहार: सफारी जैसे सीमित दायरे में वन्यजीवों की आक्रामकता चिंता का विषय है।
- निगरानी: क्या रेंजर और कीपर्स की चूक के कारण यह हमला हुआ?
- स्वास्थ्य अपडेट: फिलहाल राधिका डॉक्टर्स की देखरेख में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मायने और प्रभाव
इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और सफारी प्रबंधन के सामने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सफारी जैसे ‘सुरक्षित’ माने जाने वाले स्थानों पर भी इस तरह के हिंसक टकराव होते हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रबंधन की खामियों को उजागर करता है। राधिका जैसी शेरनी का इस तरह जख्मी होना न केवल उसके स्वास्थ्य के लिए बुरा है, बल्कि सफारी की साख पर भी असर डालता है। स्थानीय प्रशासन को अब सफारी के भीतर जानवरों के आपसी मेलजोल और उनके एन्क्लोजर के नियमों को फिर से कड़ा करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी अन्य जानवर को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।

