फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां रात के खाने में लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। कुबेरपुर घाट गांव में सब्जी में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया और इसे खाने वाले एक ही परिवार के छह सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अंधेरे में खाना बनाना पड़ा महंगा
घटना शुक्रवार देर शाम की है। राजेंद्र के घर पर रात का खाना तैयार किया जा रहा था। चूंकि घर में रोशनी कम थी, इसलिए खाना बनाने के दौरान इस बात का अंदाजा किसी को नहीं हुआ कि सब्जी में छिपकली गिर गई है। राजेंद्र, सीमा, आर्यन, रामा देवी, नीतू और कोमल ने जैसे ही खाना खाया, उसके कुछ ही देर बाद उनका जी मिचलाने लगा और उल्टियां शुरू हो गईं।
सब्जी निकालते समय खुली हकीकत
परिजन जब बर्तन से बाकी सदस्यों के लिए खाना परोस रहे थे, तभी सब्जी में मरी हुई छिपकली दिखाई दी। यह देखते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई। हालत बिगड़ती देख जिला पंचायत सदस्य अवनीश यादव की मदद से सभी छह पीड़ितों को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में दो घंटे के इलाज के बाद सभी की स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
मायने और प्रभाव
यह मामला महज एक घटना नहीं, बल्कि किचन की स्वच्छता और सावधानी की ओर एक गंभीर इशारा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जहरीले जीवों के संपर्क में आए भोजन का सेवन करने से ‘फूड पॉइजनिंग’ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- सावधानी जरूरी: खासकर बरसात और गर्मी के मौसम में छिपकली और अन्य कीड़ों का प्रकोप बढ़ जाता है, ऐसे में खाना ढककर रखना बेहद जरूरी है।
- रोशनी का ध्यान: कोशिश करें कि खाना बनाते और परोसते समय पर्याप्त रोशनी हो, ताकि ऐसी घातक गलतियों से बचा जा सके।
- सतर्कता: भोजन में अजीब गंध या बदलाव महसूस होने पर उसे तुरंत फेंक देना ही समझदारी है।
शुक्र है कि इस घटना में सभी सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन यह वाकया हर घर के लिए एक सबक है कि रसोई में थोड़ी सी लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है।
