जालौन में चर्चित रोशनी अहिरवार हत्याकांड के दोषियों पर कानून का शिकंजा और कस गया है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था मामला?
यह दुखद घटना 17 मई 2023 की है, जब बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा रोशनी अहिरवार अपनी परीक्षा देकर कॉलेज से घर लौट रही थी। एट थाना क्षेत्र के कोटरा तिराहे पर पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोका और सरेआम गोली मार दी। इस बर्बर हत्याकांड ने पूरे जालौन को हिलाकर रख दिया था।
शादी का दबाव बना था मौत की वजह
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी राज उर्फ आशीष, रोशनी पर शादी करने का लगातार दबाव बना रहा था। रोशनी के इनकार करने पर वह उसे जान से मारने की धमकियां देता था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज और उसके साथी रोहित उर्फ गोविंदा को गिरफ्तार किया था। हत्या के मामले में इन्हें पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी जीत
पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पैरवी की। दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) भारतेंदु सिंह की अदालत ने तमाम सबूतों और साक्ष्यों को आधार मानते हुए यह सजा सुनाई है।
मायने और प्रभाव
जालौन की जनता के लिए यह फैसला एक कड़ा संदेश है। कानूनी जानकारों का मानना है कि:
- अपराधियों में खौफ: गैंगस्टर एक्ट में मिली यह सजा साबित करती है कि जघन्य अपराध करने वालों को अब बचना नामुमकिन है।
- न्याय प्रणाली पर भरोसा: हत्या और गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई यह कार्रवाई पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- सुरक्षा का संदेश: यह फैसला उन दरिंदों के लिए चेतावनी है जो महिलाओं को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं।

