उत्तर प्रदेश के आसमान में अब मानसून ने पूरी तरह से अपनी पकड़ बना ली है। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश ने गर्मी और उमस से झुलस रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने राज्य के 44 जिलों में अगले कुछ घंटों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है, जिसमें भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताई गई है।
44 जिलों में अलर्ट, सावधान रहने की जरूरत
मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गई है, जिससे प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों का डेरा है। आज जिन जिलों में सबसे ज्यादा असर दिखने वाला है, उनमें तराई क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहर शामिल हैं।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा?
- तराई के जिले: लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और शाहजहांपुर में मूसलाधार बारिश के आसार हैं।
- मध्य यूपी: लखनऊ, कानपुर और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, बस्ती और कुशीनगर में बादलों की गरज के साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
पांच जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई से प्रदेश में बारिश का दायरा और तीव्र होगा। अभी जो बारिश हो रही है, वह मानसून की सक्रियता का संकेत है, लेकिन वीकेंड के आसपास मानसून पूरी तरह से अपने शबाब पर होगा। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी से निजात मिली है।
मायने और प्रभाव
आम जनता के लिए यह मानसून एक दोधारी तलवार जैसा है। एक तरफ यह खेती के लिए वरदान है, खासकर धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए यह बारिश जीवनदायिनी साबित होगी। वहीं दूसरी तरफ, शहरों में जलभराव और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
आम नागरिक इन बातों का रखें ध्यान:
- तेज गरज और चमक के दौरान खुले मैदान या ऊंचे पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
- बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने कीमती सामान और दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
आने वाले दिन उत्तर प्रदेश के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आ रहे हैं। प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

