फतेहपुर की सड़कों की बदहाली अब आम लोगों के निजी नुकसान का कारण बनती जा रही है। हाल ही में थरियांव रोड से गुजर रही एक महिला का झुमका बाइक के झटके से सीधे सड़क पर बने एक गहरे और जलमग्न गड्ढे में जा गिरा। यह महज एक झुमका गिरने की घटना नहीं, बल्कि जिले की जर्जर सड़कों की कड़वी सच्चाई को बयां करती है।
गड्ढे में डूबी उम्मीद
पति-पत्नी बाइक से अपनी मंजिल की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में पड़े जानलेवा गड्ढे ने सफर का मजा किरकिरा कर दिया। झटका लगते ही महिला का कान का झुमका फिसलकर सीधे पानी से भरे गड्ढे में समा गया। घबराए दंपती ने तुरंत गाड़ी रोकी और कीमती आभूषण को ढूंढने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों की मदद से उन्होंने गड्ढे का गंदा पानी बाहर निकाला और कीचड़ में घंटों हाथ मारे। बावजूद इसके, उस कीमती झुमके का कहीं पता नहीं चला। अंत में मायूस होकर दंपती को अपनी राह पकड़नी पड़ी।

जर्जर सड़कों पर कब लगेगी लगाम?
फतेहपुर की थरियांव रोड की हालत पिछले काफी समय से खराब है। आए दिन यहां छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की नींद तब तक नहीं खुलती जब तक कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए।
- सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए बने ‘मौत के जाल’।
- बारिश के पानी ने गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना किया मुश्किल।
- जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण आम जनता भुगत रही है खामियाजा।
मायने और प्रभाव
इस घटना का असर सिर्फ एक परिवार की आर्थिक क्षति तक सीमित नहीं है। यह उन तमाम लोगों की पीड़ा है जो रोजाना इस जर्जर सड़क से गुजरते हैं। जब एक मामूली झुमका ढूंढने के लिए दंपती को घंटों मशक्कत करनी पड़ी, तो सोचिए कि अंधेरे में दोपहिया वाहन सवारों के लिए ये गड्ढे कितने खतरनाक हो सकते हैं। प्रशासन को तुरंत इस सड़क की मरम्मत करानी चाहिए ताकि किसी का कीमती सामान ही नहीं, बल्कि जान-माल भी सुरक्षित रह सके।


