शाहजहांपुर जिले से एक दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कांट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात एक वरिष्ठ चिकित्सक का शव उनके सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। डॉक्टर की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों में सनसनी फैल गई।
क्या है पूरा मामला?
मृतक चिकित्सक की पहचान डॉ. राजीव मेहरोत्रा के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। डॉ. मेहरोत्रा कांट सीएचसी में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपने सरकारी आवास में अकेले रह रहे थे। रविवार सुबह जब वे समय पर बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों और सहयोगियों को अनहोनी का संदेह हुआ।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा खोला, तो डॉक्टर का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तुरंत घटनास्थल को अपने घेरे में ले लिया और बारीकी से साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है।

पुलिस जांच और फॉरेंसिक साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिसके चलते फॉरेंसिक टीम द्वारा कमरे से हर बारीक जानकारी जुटाई जा रही है।
- जांच का दायरा: पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और डॉक्टर के मोबाइल रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू कर दिया है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा, जिसके लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों है यह खबर?
एक वरिष्ठ डॉक्टर का अपने ही आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलना कई सवाल खड़े करता है। यह घटना न केवल चिकित्सा समुदाय के लिए एक बड़ा सदमा है, बल्कि सरकारी आवासों की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
स्थानीय स्तर पर ऐसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक इस मामले की स्पष्ट जांच सामने नहीं आती, क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहेगा। यह घटना सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है, जिसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।


