अगर आप उत्तर प्रदेश में खेती के साथ-साथ पशुपालन में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, तो योगी सरकार आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आई है। ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ के जरिए अब किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि सरकार से मोटी सब्सिडी भी पा सकते हैं।
क्या है मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह पहल शुरू की है। इस योजना के तहत, अगर आप 10 उच्च नस्ल की स्वदेशी गायों के साथ एक छोटी डेयरी यूनिट स्थापित करते हैं, तो सरकार आपको 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान (सब्सिडी) दे रही है।
आवेदन की महत्वपूर्ण जानकारी
- अंतिम तिथि: इस योजना का लाभ उठाने के लिए 21 जुलाई तक आवेदन करना अनिवार्य है।
- पात्रता: आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और पशुपालन से संबंधित जमीन का ब्योरा।
किसान भाई इस योजना के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। समय सीमा का खास ख्याल रखें क्योंकि अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
मायने और प्रभाव
इस योजना का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। जब एक किसान 10 गायों की डेयरी लगाता है, तो वह न केवल दूध बेचकर मुनाफा कमाता है, बल्कि गोबर खाद और अन्य उत्पादों से भी आमदनी सुनिश्चित करता है। यह स्कीम युवाओं के लिए ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का बड़ा अवसर है। यह सरकारी आर्थिक मदद छोटे किसानों के लिए उस पूंजी की कमी को पूरा करेगी, जो अक्सर डेयरी व्यवसाय शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा बनती है।



