प्रयागराज का बड़ा सरकारी अस्पताल जलमग्न, सुरक्षा के दावे फेल
प्रयागराज के सबसे बड़े एसआरएन (SRN) अस्पताल में उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मॉकड्रिल के दौरान अचानक भारी जलभराव हो गया। अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह घटना प्रशासन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
मॉकड्रिल और हकीकत का अंतर
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को परखने के लिए मॉकड्रिल की जा रही थी। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान हुई चूक ने अस्पताल को ही ‘पानी-पानी’ कर दिया। अस्पताल के कई वार्डों और गलियारों में पानी भर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर व्यवस्था दुरुस्त होती, तो एक मॉकड्रिल इतनी बड़ी समस्या नहीं बनती। पानी भरने के कारण मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में कर्मचारियों को पसीना छूट गया।
मायने और प्रभाव
- प्रशासन पर सवाल: सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले दावे इस घटना के बाद खोखले साबित हो रहे हैं।
- मरीजों पर असर: अस्पताल पहले ही मरीजों के दबाव में होता है, ऐसे में जलभराव से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
- भविष्य की चेतावनी: यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि किसी भी ड्रिल को अंजाम देने से पहले बुनियादी ढांचे का ध्यान रखना कितना जरूरी है।
प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अब यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर मॉकड्रिल के दौरान पानी की निकासी का इंतजाम क्यों नहीं था। आम जनता के लिए सरकारी अस्पताल ही आखिरी सहारा होते हैं, ऐसे में वहां अव्यवस्था का होना चिंता का विषय है।



