"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

मेरठ में बाहरी राज्यों के 200 परिवारों का डेरा, आधार कार्ड में झोल ने बढ़ाई प्रशासन की नींद

मेरठ में बाहरी राज्यों के 200 परिवारों का डेरा, आधार कार्ड में झोल ने बढ़ाई प्रशासन की नींद

उत्तर प्रदेश का मेरठ इन दिनों एक बड़ी जांच के केंद्र में है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में असम और पश्चिम बंगाल से आए लगभग 200 परिवारों के बसने की खबर ने स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश के पास वैध आधार कार्ड नहीं हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

शहर के जवाहरनगर, घोसीपुर, जमनानगर और जाहिदपुर जैसे इलाकों में ये परिवार काफी समय से रह रहे थे। हाल ही में जनसेवा केंद्रों के जरिए फर्जी आधार कार्ड बनाने और कुछ मामलों में नशा तस्करी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया कि 200 परिवारों में से मात्र 70 लोगों के पास ही पहचान के लिए आधार कार्ड मौजूद थे।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्त नजर

मेरठ जैसे संवेदनशील शहर में बाहरी राज्यों के लोगों का बिना सही पहचान के रहना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े करता है। खुफिया विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ये लोग संगठित तरीके से यहां बसाए गए हैं या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। स्थानीय थानों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में रहने वाले हर बाहरी व्यक्ति का वेरिफिकेशन डेटा अपडेट करें।

मायने और प्रभाव

इस पूरे मामले के कुछ गंभीर पहलू हैं जो सीधे आम नागरिकों से जुड़े हैं:

  • आंतरिक सुरक्षा: बिना पहचान पत्र के रहने वाले लोग किसी भी आपराधिक गतिविधियों में आसानी से लिप्त हो सकते हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ता है।
  • सरकारी योजनाओं का दुरूपयोग: फर्जी दस्तावेजों के जरिए ये लोग राशन और सरकारी सुविधाओं का गलत लाभ उठा सकते हैं, जिससे हकदार नागरिक वंचित रह जाते हैं।
  • प्रशासनिक सक्रियता: पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि ‘वेरिफिकेशन’ के बिना किसी को भी पनाह देना मकान मालिकों और बिचौलियों के लिए महंगा पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में पुलिस इन बस्तियों में सघन तलाशी अभियान चलाने की तैयारी में है। यदि आप भी अपने मकान को किसी बाहरी को किराए पर देते हैं, तो सावधान हो जाएं और पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment