बुधवार की रात बरेली के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। अचानक आए तेज आंधी और बारिश के बवंडर ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। देखते ही देखते सड़कों पर लगे सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए और कई बड़े-बड़े यूनिपोल ताश के पत्तों की तरह जमीन पर आ गिरे।
सड़कों पर मची अफरातफरी, एक घायल
इस कुदरती आपदा का सबसे बुरा असर सेटेलाइट इलाके में देखने को मिला। यहाँ चलते हुए एक ऑटो पर विशाल पेड़ जा गिरा। इस हादसे में ऑटो सवार एक युवक का सिर गंभीर रूप से फट गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर की मुख्य सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
तूफान की वजह से बिजली के तार जगह-जगह टूट गए और कई पोल झुक गए हैं। इसके चलते बरेली के अधिकांश इलाकों में घंटों से अंधेरा पसरा हुआ है। बिजली विभाग के कर्मचारी अभी भी लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हैं, लेकिन नुकसान इतना ज्यादा है कि आपूर्ति बहाल होने में वक्त लग रहा है।
मायने और प्रभाव: आम जनजीवन पर असर
- सुरक्षा पर सवाल: शहर में लगे असुरक्षित और पुराने यूनिपोल अब एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। प्रशासन को मानसून से पहले इनके सर्वे की सख्त जरूरत है।
- बुनियादी ढांचे की कमजोरी: जरा सी आंधी में शहर की बिजली और ट्रैफिक व्यवस्था का ठप हो जाना बताता है कि आपदा प्रबंधन की तैयारी अभी नाकाफी है।
- सतर्कता जरूरी: मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना अब अनिवार्य हो गया है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।


