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कानपुर में डेंगू का कहर: मेडिकल छात्रा समेत 6 नए मरीज, मरीजों का आंकड़ा 59 के पार

कानपुर में डेंगू का डंक तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने शहर की चिंता बढ़ा दी है, जहां एक मेडिकल छात्रा समेत छह लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही शहर में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या अब 59 तक पहुंच गई है।

मेडिकल कॉलेज हॉस्टल तक पहुंचा संक्रमण

शहर के नामी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में डेंगू का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। यहां की एक मेडिकल छात्रा डेंगू की चपेट में आ गई है, जो फिलहाल आइसोलेशन में है। हॉस्टल में करीब 85 छात्राएं रहती हैं, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन अलर्ट मोड पर है और पूरे परिसर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

किन इलाकों में बढ़ा खतरा?

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए मरीज शहर के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए हैं:

  • चौबेपुर: यहां पहले से ही मरीज मिल चुके हैं, अब एक और नया मामला सामने आया है।
  • चकेरी और शारदानगर: इन घनी आबादी वाले इलाकों में 15 वर्षीय किशोरी और 30 वर्षीय महिला को संक्रमण हुआ है।
  • घाटमपुर: यहाँ भी डेंगू ने दस्तक दे दी है।

इसके अलावा, फतेहपुर का एक मरीज भी कानपुर के आंकड़ों में दर्ज हुआ है, जिसकी सूचना संबंधित जिले के सीएमओ को दे दी गई है।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है अलर्ट?

कानपुर में मरीजों की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के बाद जमा पानी और बदलता मौसम मच्छरों के पनपने के लिए सबसे मुफीद समय होता है।

आम जनता को क्या करना चाहिए?

  • अपने घर के कूलर, गमलों और पुरानी टायरों में पानी जमा न होने दें।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • अगर आपको लगातार बुखार, बदन दर्द या आंखों के पीछे दर्द महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।

सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव का काम तेज कर दिया गया है। लेकिन, बीमारियों से बचने के लिए प्रशासनिक कोशिशों के साथ-साथ व्यक्तिगत सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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