उत्तर प्रदेश में आज का दिन अपराध और संवेदनहीनता की कुछ ऐसी घटनाओं के नाम रहा, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर उन्नाव में संत की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, तो वहीं दूसरी ओर गोरखपुर में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
उन्नाव: संत हत्याकांड के बाद एनकाउंटर की मांग
उन्नाव में संत मिलनदास की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया है। आक्रोशित परिजनों और समर्थकों ने सड़क पर उतरकर आरोपियों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है।
गोरखपुर: सोलहवीं के भोज में खून-खराबा
गोरखपुर में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मां की सोलहवीं के कार्यक्रम के दौरान दो भाइयों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रुपयों के लेन-देन को लेकर हुए झगड़े में बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों की गरिमा आखिर कहां खो गई है।
अन्य प्रमुख खबरें
- हरिद्वार हत्याकांड: बांदा की कौशल्या की हत्या कर उसके पति ने तेजाब से शव जलाया। पीछे रह गया उसका पांच साल का मासूम बेटा।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: राजू पाल हत्याकांड में दोषी आबिद की जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई है।
- अयोध्या: राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मायने और प्रभाव
आज की ये घटनाएं प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्नाव की घटना जहां प्रशासनिक जवाबदेही की मांग करती है, वहीं गोरखपुर और हरिद्वार की घटनाएं पारिवारिक कलह के उस वीभत्स चेहरे को दिखाती हैं, जो धीरे-धीरे समाज को खोखला कर रहा है। सामान्य जन के लिए यह संकेत है कि संवेदनशीलता और धैर्य की कमी किस तरह कानून हाथ में लेने जैसे घातक परिणामों को जन्म दे रही है।


