देश में एलपीजी संकट के कारण भारतीय रेलवे की खानपान सेवाएं और परिचालन प्रभावित हो रहा है। सिलेंडर की कमी से ट्रेनों और स्टेशनों पर भोजन आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं।
राजेंद्र बी अकलेकर। देश में एलपीजी का संकट अब दिखने लगा है। सरकार भले ही यह दावा कर रही हो कि एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन फिर भी देश के कई हिस्सों से सिलेंडर न मिल पाने की शिकायत मिलने लगी है। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर कैटरिंग भी अब इसकी जद में आ गया है।
रेलवे यूटिलिटीज, कॉन्ट्रैक्टर्स और बेस किचन को LPG सप्लाई कम होने के बाद स्थिति गंभीर होती जा रही है। अब ट्रेनों और रेलवे स्टेशन की केटरिंग को जरूरी कैटेगरी में डाला जा सकता है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री को इसके संबंध में लेटर लिखा गया है। इसके बाद पैसेंजर केटरिंग को भी शामिल किया जा सकता है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने लिखा लेटर
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी को लेटर लिखकर इंडियन रेलवे के कामकाज के लिए LPG और PNG की लगातार और प्रायोरिटी वाली सप्लाई की मांग की है।
10 मार्च को लिखे लेटर में रेलवे बोर्ड ने इस बात पर जोर दिया है कि ट्रेन सर्विस से जुड़ी कई ऑपरेशनल जरूरतों के लिए LPG सप्लाई जरूरी है। लेटर में कहा गया है कि रेलवे प्रोडक्शन यूनिट्स में पहियों जैसे जरूरी पार्ट्स बनाने के लिए LPG की जरूरत होती है।
रेलवे बोर्ड ने पेट्रोलियम मिनिस्ट्री से रिक्वेस्ट की है कि जरूरत के हिसाब से LPG सप्लाई करने और प्रोडक्शन से जुड़ी जरूरतों के लिए ज्यादा से ज्यादा डिलीवरी करने पर विचार करे। रेलवे डिवीजनों के 340 स्टेशनों पर 8,000 से ज्यादा LPG सिलेंडर जारी रखने की रिक्वेस्ट की है।












