कानपुर में एक ऐसी पारिवारिक दास्तान सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है। चार दशक से भी ज्यादा लंबे वैवाहिक जीवन के बाद, एक 68 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी ही पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तब खुला जब यह बुजुर्ग फरियादी बनकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय के ‘जनता दर्शन’ में पहुंच गया।
41 साल के साथ में आई कड़वाहट
पीड़ित पति का कहना है कि उनकी शादी को 41 साल हो चुके हैं, लेकिन हाल के कुछ सालों से उनका जीवन नर्क बन गया है। उन्होंने अपनी शिकायत में साफ कहा है कि उनकी पत्नी न केवल उन्हें अपशब्द कहती है, बल्कि कई बार भरी महफिल और घर में सबके सामने उन्हें जूतों से भी मारती है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
बुजुर्ग ने जिलाधिकारी को दिए अपने प्रार्थना पत्र में अपनी आपबीती सुनाई है। उनका कहना है कि इस उम्र में वह शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सहने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है ताकि वह बाकी का जीवन शांति से व्यतीत कर सकें।

मायने और प्रभाव
इस घटना ने समाज में छिपे उन मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं जिन पर अक्सर बात नहीं होती:
- पुरुष प्रताड़ना पर चुप्पी: अक्सर घरेलू हिंसा में महिलाओं को ही पीड़ित माना जाता है, लेकिन ऐसे मामले दिखाते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर पुरुष भी गंभीर घरेलू कलह का शिकार हैं।
- पारिवारिक ढांचा: चार दशक पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर है, जो संकेत देता है कि आपसी संवाद की कमी बुढ़ापे में कितनी घातक हो सकती है।
- कानूनी और सामाजिक पहलू: प्रशासन के पास पहुंच रहे ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या यह बताती है कि बुजुर्गों के लिए काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग तंत्र की जरूरत है।



