लखनऊ की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक से जल्द ही निजात मिलने वाली है। शहर के बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देते हुए प्रशासन ने एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर मुहर लगा दी है। आईआईएम रोड से किसान पथ तक बनने वाला यह नया 10 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर राजधानी की बदलती तस्वीर की एक और बड़ी मिसाल बनेगा।
सफर होगा आसान, समय की होगी बड़ी बचत
मौजूदा समय में आईआईएम रोड पर बसंतकुंज से किसान पथ तक बना करीब 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर पहले से ही यातायात का दबाव कम कर रहा है। अब सरकार ने इसे और विस्तार देने का फैसला किया है। करीब 9.9 किलोमीटर के इस नए हिस्से के जुड़ने से नैमिषनगर और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए मुख्य शहर तक पहुंचना बेहद सरल हो जाएगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- विस्तार: 9.9 किमी लंबी नई कनेक्टिविटी।
- कनेक्टिविटी: आईआईएम रोड से किसान पथ तक सीधा जुड़ाव।
- सुविधा: नैमिषनगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को शहर के मुख्य मार्ग से जोड़ना।
मायने और प्रभाव: आम जनता को क्या मिलेगा?
इस कॉरिडोर के बनने का सबसे बड़ा फायदा उन हजारों दैनिक यात्रियों को होगा जो हर रोज जाम के झमेले में फंसकर अपना कीमती समय गंवाते हैं। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि शहर के उत्तरी हिस्से में आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला एक माध्यम बनेगा।
व्यापारिक दृष्टिकोण से देखें तो बेहतर कनेक्टिविटी का मतलब है सामान की ढुलाई में आसानी और रियल एस्टेट सेक्टर में उछाल। लखनऊ जिस तरह से तेजी से विकसित हो रहा है, ऐसे प्रोजेक्ट न केवल आज की जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि आने वाले दस सालों के ट्रैफिक लोड को भी व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।



