भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार साल 2026 में बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। इस दिन बहनें पूरे विधि-विधान से अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। अगर आप भी इस साल अपने भाई को राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
राखी बांधने के लिए तीन शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन पर विशेष ग्रह गोचर बन रहे हैं। ज्योतिष गणना के मुताबिक, राखी बांधने के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं, जो आपके त्योहार की खुशियों को दोगुना कर देंगे:
- प्रथम मुहूर्त: सुबह का समय, जो पूजा-पाठ के लिए विशेष माना जाता है।
- द्वितीय मुहूर्त (सर्वोत्तम): दोपहर 12:10 बजे से लेकर 2:00 बजे तक का समय चौघड़िया के अनुसार सबसे शुभ है।
- तृतीय मुहूर्त: शाम के समय का मुहूर्त, जो कामकाजी बहनों के लिए सुविधाजनक रहेगा।
राहुकाल में भूलकर भी न बांधें राखी
सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले समय की शुद्धि देखना अनिवार्य है। पंचांग के अनुसार, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक राहुकाल का साया रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य या राखी बांधने से परहेज करना ही श्रेयस्कर है।
मायने और प्रभाव
रक्षाबंधन केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच सुरक्षा और समर्पण का वादा है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सही समय पर राखी बांधने से भाई की कुंडली में ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब बहनें शुभ मुहूर्त में राखी बांधती हैं, तो यह न केवल पारिवारिक बंधन को मजबूत करता है, बल्कि घर में सुख-शांति का संचार भी करता है। समय के प्रति आपकी यह जागरूकता आपके त्योहार को अधिक फलदायी और मंगलकारी बनाएगी।




