उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन जाते-जाते बादल एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों को भिगोने की तैयारी में हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों में सूबे के कई जिलों का मौसम अचानक करवट ले सकता है।
किन इलाकों में दिखेगा असर?
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। लखनऊ, कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना
- तराई क्षेत्र: गोरखपुर, बस्ती और महाराजगंज जैसे जिलों में बादल गरजने के साथ बारिश हो सकती है।
- मध्य यूपी: राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के संकेत हैं।
- पूर्वांचल: वाराणसी और प्रयागराज के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या होगा असर?
इस बेमौसम बारिश का असर सीधे तौर पर किसानों की फसलों पर पड़ सकता है। मानसून की विदाई के समय हो रही यह बारिश कुछ फसलों के लिए वरदान तो कुछ के लिए नुकसानदेह हो सकती है।

आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे बाहर निकलते समय मौसम के मिजाज पर नजर रखें, क्योंकि अचानक होने वाली इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और रातें फिर से ठंडी महसूस हो सकती हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि अब धीरे-धीरे गुलाबी ठंड की दस्तक शुरू हो रही है।



