"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

यूपी के बहराइच में खौफ का साया: सड़क पर बाघिनों का झुंड, घर के अंदर सो गया तेंदुआ

उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला इन दिनों भारी दहशत के दौर से गुजर रहा है। घने जंगलों से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब जानवर घरों की चौखट तक पहुंच गए हैं।

सड़क पर दहाड़ता बाघिनों का कुनबा

हाल ही में बहराइच के रिहायशी इलाकों में बाघिनों के झुंड को टहलते हुए देखा गया, जिसने स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया। देर रात सड़क पर इन खूंखार शिकारियों को देखकर वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

घर के अंदर तेंदुए का बसेरा

खतरा केवल सड़क तक सीमित नहीं है। एक हैरान कर देने वाली घटना में, एक तेंदुआ रिहायशी घर में घुस आया और आराम से घर की चारपाई पर जाकर सो गया। घर के मालिक ने जैसे ही इसे देखा, उनकी चीख निकल गई। वन विभाग को सूचना देने के बाद घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा गया।

जंगल और रिहायशी इलाकों के बीच मिटती सीमाएं

  • बढ़ते अतिक्रमण के कारण जंगली जानवरों का रास्ता भटकना।
  • जंगलों के पास रोशनी की कमी और शिकार की तलाश में रिहायशों की ओर रुख।
  • वन विभाग की ओर से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है खतरा?

यह कोई पहली बार नहीं है जब बहराइच में वन्यजीवों और इंसानों का आमना-सामना हुआ हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) को सुरक्षित नहीं किया गया, तो इंसानी बस्तियों पर खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों को अब अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए, बल्कि प्रभावित गांवों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी करे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment