यमुना एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। सोमवार देर रात मथुरा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसने मौके पर ही मातम का माहौल पैदा कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना मथुरा जिले के नगला मौजी के पास की है। रात का समय था और एक्सप्रेसवे पर सन्नाटा था। करीब एक बजे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, कार में कुल चार लोग सवार थे। मौके पर पहुंची पुलिस और एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। इलाज के लिए सभी को अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने राजेश नाम के युवक को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीन दोस्तों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसों का ‘हॉटस्पॉट’ बना एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे पर अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय ‘हाईवे हिप्नोटिज्म’ और खड़े वाहनों के लिए पर्याप्त संकेतक न होना बड़े हादसों की मुख्य वजह है।
- सड़क किनारे खड़े वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर न होना।
- रात के समय धुंध और थकान की वजह से ड्राइवरों का ध्यान भटकना।
- एक्सप्रेसवे पर तय सीमा से ज्यादा रफ्तार।
मायने और प्रभाव
इस हादसे ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है? सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों का बिना चेतावनी लाइट के रुकना एक गंभीर लापरवाही है। प्रशासन को ऐसे हादसों को रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ानी होगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रक ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी। आम जनता के लिए भी यह सबक है कि रात के सफर में अतिरिक्त सावधानी बरतें और थोड़ी भी थकान महसूस होने पर गाड़ी न चलाएं।




