हाथों में रची मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि खुशियां मातम में बदल गईं। अलीगढ़ में शादी के दिन एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक दूल्हे ने महज एक मोटरसाइकिल के लालच में बरात ले जाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे दुल्हन और उसके परिवार के अरमान चकनाचूर हो गए।
मांग पूरी न होने पर बरात से इनकार
पीड़ित पिता, जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए कर्ज लेकर सारी तैयारियां की थीं। शादी का दिन तय था और घर में जश्न का माहौल था। तभी अचानक दूल्हे सलमान और उसके परिवार ने दहेज में एक नई बाइक की मांग रख दी।
गरीबी के कारण जब पिता ने बाइक देने में असमर्थता जताई, तो दूल्हे ने बरात लेकर आने से ही मना कर दिया। ऐन मौके पर शादी टूटने की खबर सुनते ही दुल्हन सदमे में चली गई और उसकी तबीयत बुरी तरह बिगड़ गई।
क्या कहता है कानून?
- भारत में दहेज लेना और देना दोनों ही गैर-कानूनी है।
- दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत ऐसी मांग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
- पीड़ित परिवार अब पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।
मायने और प्रभाव: समाज के लिए सबक
यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युग में भी दहेज का दानव कितनी गहराई तक हमारे समाज में समाया हुआ है। एक मजदूर पिता के लिए अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करना कितना कठिन होता है, इस पर समाज को सोचने की जरूरत है।
ऐसी घटनाएं न केवल एक परिवार की खुशियां उजाड़ती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं। वक्त आ गया है कि युवा पीढ़ी को ऐसे लालची मानसिकता के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए ताकि कोई और बेटी ऐसी त्रासदी का शिकार न बने।




