क्या फिर से बरसेंगे बादल?
देशभर में पिछले कुछ दिनों से थमी मानसून की रफ्तार अब बदलने वाली है। चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग का संकेत है कि अगले सात दिनों के भीतर मानसून फिर से अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी करने जा रहा है।
कहां-कहां देखने को मिलेगी बारिश?
फिलहाल राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है। लेकिन बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए वेदर सिस्टम के कारण हवाओं का रुख बदलने वाला है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कुल 18 राज्यों पर पड़ेगा।
मानसून के आने वाले हफ़्तों का अनुमान:

- बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं तेजी से मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं।
- अगले 48 से 72 घंटों में यूपी और बिहार के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी।
- हिमालयी क्षेत्रों में भी सक्रियता बढ़ने से पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।
मानसून ब्रेक क्या है और क्यों आया?
मौसम विज्ञान की भाषा में इसे ‘मानसून ब्रेक’ कहा जाता है। यह वह समय होता है जब मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे मध्य और उत्तर भारत में बारिश कम हो जाती है। पिछले दिनों 18 फीसदी की जो कमी दर्ज की गई, वह इसी वजह से थी।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर होगा?
मानसून की यह वापसी खेती-किसानी के लिए संजीवनी की तरह होगी। धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए आने वाले दिन बेहद निर्णायक हैं। अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो अगले हफ्ते से उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट रहने की जरूरत होगी।



