महिला आरक्षण पर छिड़ी बहस
संसद में महिला आरक्षण कानून पास होने के तीन साल बाद भी इसे लागू न किए जाने को लेकर देश की सियासत फिर से गरमा गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं, जिसका जवाब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेहद तल्ख अंदाज में दिया है।
राहुल गांधी ने क्या उठाए सवाल?
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में सीधा सवाल किया है कि जब महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका था, तो फिर इसे आज तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बार-बार इस मुद्दे को ‘परिसीमन’ (Delimitation) के साथ जोड़कर इसे टालने की कोशिश कर रही है।
- बिल पास होने के तीन साल बाद भी धरातल पर क्यों नहीं है?
- परिसीमन की शर्त जोड़कर इसे क्यों लटकाया जा रहा है?
- महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में देरी क्यों?
किरेन रिजिजू का पलटवार
राहुल गांधी के इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस नेता का हृदय परिवर्तन हो गया है और अब उन्हें महिलाओं की शक्ति याद आ रही है।’ रिजिजू ने राहुल के दावों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनकी सरकार हर पहलू को ध्यान में रखकर ही इसे लागू करेगी।
मायने और प्रभाव
इस सियासी घमासान का सीधा असर आम जनता, खासकर महिलाओं पर पड़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस केवल कानून लागू करने की नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों में ‘महिला वोट बैंक’ को साधने की कोशिश है।
क्यों है ये महत्वपूर्ण: महिलाओं के लिए आरक्षण एक बड़ा मुद्दा है। अगर इसे जल्द लागू नहीं किया जाता है, तो यह देश की आधी आबादी के साथ किए गए वादे की तरह है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई देखना चाहती है।




