त्योहारी सीजन नजदीक आते ही बाराबंकी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, जहां एक रिहायशी मकान के अंदर भारी मात्रा में अवैध आतिशबाजी का जखीरा छिपाकर रखा गया था।
रिहायशी इलाके में मौत का सामान
बाराबंकी के स्थानीय थाना क्षेत्र में एक घर को अवैध गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। जब पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी, तो वहां का मंजर देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे के भीतर 4.5 क्विंटल से अधिक आतिशबाजी का स्टॉक भरा हुआ था, जिसके लिए न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
- 4.5 क्विंटल अवैध आतिशबाजी जब्त की गई।
- आवासीय क्षेत्र में विस्फोटक रखने के आरोप में मामला दर्ज।
- मौके से जुड़े सभी साक्ष्यों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
इतनी बड़ी मात्रा में बारूद का स्टॉक एक घनी आबादी वाले मोहल्ले में रखा जाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि आसपास रहने वाले सैकड़ों परिवारों की जान के लिए भी बड़ा खतरा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह माल कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई चेन कहां तक फैली है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है?
बाराबंकी की यह घटना हमें चेतावनी देती है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़ी त्रासदी को न्योता दे सकती है। रिहायशी इलाकों में बिना लाइसेंस के विस्फोटक जमा करना भारतीय दंड संहिता और विस्फोटक अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। आम नागरिकों को यह समझना होगा कि यदि उनके पड़ोस में कहीं भी संदिग्ध रूप से ज्वलनशील पदार्थ या भारी मात्रा में पटाखे जमा किए जा रहे हैं, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।




