फर्रुखाबाद के कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। धान के खेत में सिंचाई करने गए एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब परिजन खेत पहुंचे, तो उनका शव औंधे मुंह पानी में पड़ा मिला, जिसे देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
अलादादपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शरद यादव रविवार की रात अपने धान के खेत में पानी लगाने गए थे। उनके भाई रामकुमार ने बताया कि उन्होंने शरद को खेत पर छोड़ा था, लेकिन काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। रात करीब 10:30 बजे परिजन जब खेत पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई।
अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा
परिजन तुरंत शरद को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना ने शरद के परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी है। उनके पीछे अब पत्नी सीमा, 12 साल के जुड़वां बेटे विकास और विनय और एक बेटी नैना का रो-रोकर बुरा हाल है।

मायने और प्रभाव
इस दुखद घटना ने ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली के खुले तार, मोटर में करंट की समस्या या अचानक बिगड़ी तबीयत—मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा।
- सुरक्षा का सवाल: अंधेरे में सिंचाई करते समय किसानों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम और सतर्कता की जरूरत है।
- आर्थिक संकट: परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत से इन बच्चों का भविष्य अब अंधेरे में है, प्रशासन को परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।



