मायके में भी सुरक्षित नहीं महिला
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। अपने मायके में शरण लिए बैठी एक विवाहिता पर उसके पति ने सरेआम जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी पति का दावा था कि वह उसे ‘जिंदा या मुर्दा’ लेकर ही जाएगा, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले कुछ समय से ससुराल में हो रहे अत्याचारों से तंग आकर मायके चली गई थी। ससुराल पक्ष के लोग लगातार उस पर वापस आने का दबाव बना रहे थे। जब महिला ने मना किया, तो पति ने अपने साथियों के साथ उसके मायके पर धावा बोल दिया।
महिला ने आरोप लगाया है कि केवल पति ही नहीं, बल्कि ससुराल में उसका सौतेला बेटा और देवर भी उसके साथ लंबे समय से शारीरिक और मानसिक हैवानियत करते आ रहे थे। इसी प्रताड़ना से बचने के लिए उसने मायके में शरण ली थी।

धारदार हथियार से किया हमला
विवाद बढ़ने पर आरोपी पति ने धारदार हथियार निकाल लिया और महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। परिजनों के बीच-बचाव के कारण महिला की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मायने और प्रभाव
- घरेलू हिंसा का विकराल रूप: यह घटना दिखाती है कि कैसे महिलाओं के लिए सुरक्षित ठिकाना कहे जाने वाले ‘मायके’ में भी अब सुरक्षा का घेरा टूट रहा है।
- कानूनी कार्रवाई की जरूरत: कानून के जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल FIR काफी नहीं है, बल्कि पीड़िता को तत्काल सुरक्षा और सख्त कानूनी पैरवी की जरूरत है।
- सामाजिक संदेश: समाज में रिश्तों के प्रति गिरती संवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति हिंसा का बढ़ता ग्राफ एक चिंता का विषय है, जिस पर पुलिस और प्रशासन को सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।




