पीलीभीत की सड़कों पर रविवार की रात एक ऐसा मातम पसर गया जिसे देखकर हर किसी का कलेजा कांप गया। जहानाबाद इलाके में एक बस बैक की जा रही थी कि तभी मौत बनकर हाईटेंशन बिजली का तार ऊपर से टूटकर बस के ऊपर गिर पड़ा। पलक झपकते ही बस में करंट दौड़ गया और देखते ही देखते पिता-पुत्र की जान चली गई।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस चालक रात के समय वाहन को पीछे कर रहा था। इसी दौरान बस की छत बिजली की हाईटेंशन लाइन से टकरा गई या फिर तार अचानक टूटकर बस के ऊपर आ गिरा। तार के गिरते ही पूरी बस में तेज करंट फैल गया। बस के संपर्क में आते ही चालक और उनके साथ मौजूद पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त सड़कों के ऊपर से गुजरी ये जर्जर हाईटेंशन लाइनें अक्सर हादसों को न्योता देती हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मायने और प्रभाव
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सुरक्षा मानकों का अभाव: सड़कों और रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइनों की नियमित जांच न होना बड़ी लापरवाही है।
- जनता के लिए सबक: वाहन चालकों को भी ऐसी जगहों पर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है जहां बिजली के तार खतरनाक रूप से नीचे लटके हों।
- जवाबदेही तय हो: प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाओं में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी और पिता-पुत्र को अपनी जान न गंवानी पड़े।



