गर्मियों का मौसम आते ही गला तर करने के लिए आइसक्रीम की याद सबसे पहले आती है। लेकिन बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम में चीनी की भारी मात्रा सेहत के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। अब स्वाद और सेहत के बीच संतुलन बैठाने के लिए ‘दुबई स्टाइल’ आइसक्रीम का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
गोरखपुर के बाजार में भी डिमांड
गोरखपुर में आइसक्रीम के शौकीनों के बीच यह रेसिपी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय दुकानदार दानिश बताते हैं कि लोग अब हेल्थ कॉन्शियस हो रहे हैं, जिसके चलते बिना चीनी वाली आइसक्रीम की मांग बढ़ गई है। यह आइसक्रीम न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि शरीर को इंस्टेंट एनर्जी भी देती है।
कैसे तैयार करें ये हेल्दी डेजर्ट?
इस खास आइसक्रीम को बनाने के लिए आपको बस कुछ चुनिंदा चीजों की जरूरत है:

- मुख्य सामग्री: अजवा, मेडजूल, सफावी, मबरोम और खलास किस्म की खजूर।
- अन्य सामग्री: अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू और पिस्ता।
- विधि: खजूर को बारीक पीसकर पेस्ट बना लें और उसमें सूखे मेवों का मिश्रण मिलाएं। इसके बाद इसे फ्रिजर में सेट होने के लिए रख दें।
इस रेसिपी में चीनी की जगह खजूर की प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल होता है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
मायने और प्रभाव
इस तरह के हेल्दी डेजर्ट्स का चलन यह दर्शाता है कि आम आदमी अब अपनी जीवनशैली में बदलाव ला रहा है। चीनी का विकल्प ढूंढना केवल स्वाद का मामला नहीं, बल्कि बढ़ते शुगर और मोटापे जैसे लाइफस्टाइल रोगों से बचाव का एक स्मार्ट तरीका है। घर पर बनी यह आइसक्रीम न केवल किफायती है, बल्कि इसमें मिलावट का डर भी नहीं रहता।



