क्या आपने नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने का मन बना लिया है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन खोजने की भागदौड़ से परेशान हैं? अब अपनी इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर को घर पर ही चार्ज करना न केवल आसान हो गया है, बल्कि यह आपकी जेब पर भी कम भारी पड़ेगा। पब्लिक चार्जिंग स्टेशन की लंबी लाइनों से छुटकारा पाकर आप घर पर अपना सेटअप लगवाकर हजारों रुपये बचा सकते हैं।
घर पर चार्जर लगवाना क्यों है फायदे का सौदा?
बाहर के कमर्शियल चार्जिंग स्टेशनों पर प्रति यूनिट बिजली का दाम काफी ज्यादा होता है। घर पर चार्जर लगवाने से आप घरेलू बिजली की दरों पर गाड़ी चार्ज कर सकते हैं, जिससे आपकी मासिक बचत काफी बढ़ जाती है। साथ ही, रात भर गाड़ी चार्जिंग पर लगाकर आप सुबह फुल बैटरी के साथ निश्चिंत होकर निकल सकते हैं।
कितना आएगा इंस्टॉलेशन का खर्च?
आमतौर पर, एक बेसिक लेवल-2 चार्जर लगवाने का खर्च उपकरण की क्वालिटी और आपकी वायरिंग के हिसाब से 15,000 से 40,000 रुपये के बीच हो सकता है। इसमें चार्जर की कीमत, केबलिंग, लेबर चार्ज और सेफ्टी सर्किट का खर्चा शामिल होता है। कई कंपनियां गाड़ी के साथ ही चार्जर उपलब्ध कराती हैं, जिसे बस इंस्टॉलेशन की जरूरत होती है।
सब्सिडी का लाभ कैसे उठाएं?
भारत सरकार की PM-E-Drive और फेम (FAME) जैसी योजनाओं के तहत ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। आप अपने राज्य की ईवी पॉलिसी के तहत सरकारी वेबसाइट पर जाकर इंस्टॉलेशन सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने स्थानीय बिजली विभाग या डीलर से एनओसी और इंस्टॉलेशन सर्टिफिकेट लेना होगा।
मायने और प्रभाव
घर पर ईवी चार्जर लगवाना सिर्फ एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, यह कदम न केवल पेट्रोल-डीजल के खर्च को खत्म करेगा, बल्कि ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करेगा। यदि आप लंबे समय तक ईवी चलाने की योजना बना रहे हैं, तो घर पर चार्जर लगवाना सबसे स्मार्ट निवेश साबित होगा।




