कानपुर में एक रिटायर्ड कर्मचारी के परिवार के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रेलवे से रिटायर हुई एक महिला की जमा-पूंजी पर एक कथित ठेकेदार की नीयत ऐसी बिगड़ी कि उसने न केवल 20 लाख रुपये हड़प लिए, बल्कि मांगने पर जान से मारने की धमकियां भी दीं।
क्या है पूरा मामला?
जूही निवासी जीतू सोनकर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी सास राजकुमारी 30 जून 2025 को रेलवे के लोको इलेक्ट्रिक विभाग से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। रिटायरमेंट के बाद उनके पास भविष्य के लिए जमा कुछ बचत थी।
इसी बीच, पनकी के शताब्दीनगर का रहने वाला ठेकेदार अजय वर्मा उनके घर आया। अजय, राजकुमारी का पुराना परिचित था। उसने मजदूरों का भुगतान करने का झांसा देकर राजकुमारी से 20 लाख रुपये उधार मांगे। लालच में आकर उसने दो महीने में दो लाख रुपये अतिरिक्त देने का वादा भी किया था, जिसे राजकुमारी ने सच मान लिया।

धमकी से सहमा परिवार
समय बीतने के बाद जब जीतू और उनकी सास ने अपने रुपये वापस मांगे, तो अजय वर्मा के तेवर बदल गए। शुरुआती दौर में टालमटोल करने वाले ठेकेदार ने बाद में गाली-गलौज शुरू कर दी और रुपये देने से साफ इनकार कर दिया। जब पीड़ित परिवार ने दबाव बनाया, तो उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली।
मायने और प्रभाव
यह घटना कानपुर के उन आम नागरिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो किसी परिचित पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। आर्थिक मंदी के इस दौर में लोग ‘आसान कमाई’ के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठ रहे हैं।
- सावधानी जरूरी: किसी भी परिचित को बड़ी रकम देते समय कानूनी दस्तावेज या स्टाम्प पेपर का उपयोग जरूर करें।
- पुलिस की कार्रवाई: पनकी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन ऐसे मामलों में रिकवरी की प्रक्रिया लंबी होती है, जिससे पीड़ित परिवार मानसिक और आर्थिक संकट में घिर जाता है।
फिलहाल, पनकी थाना पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। देखना यह होगा कि क्या पुलिस आरोपी ठेकेदार से पैसे बरामद करा पाती है या नहीं।




