कानपुर के कल्याणपुर के रहने वाले चंदन गुप्ता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, लेकिन फिलहाल यह परिवार के लिए किसी बड़े बुरे सपने जैसी है। पेश से इंजीनियर चंदन इस वक्त रूस की राजधानी मॉस्को में स्थानीय पुलिस की हिरासत में हैं।
उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर कर खलबली मचा दी है। स्नेहा का आरोप है कि चंदन को रूस में नौकरी का झांसा देकर फंसाया गया और अब उन पर रूसी सेना में शामिल होने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
स्नेहा के मुताबिक, चंदन बेहतर भविष्य की तलाश में कुछ महीने पहले रूस गए थे। वहां पहुंचने के कुछ दिन बाद से ही उनका संपर्क धीरे-धीरे कम होता गया। अब पता चला है कि मॉस्को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
परिजनों का कहना है कि चंदन जैसे कई और भारतीय युवाओं को वहां इसी तरह ‘मजबूर’ किया जा रहा है। पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप कर चंदन की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?
यह मामला केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो विदेश में ‘आसान और मोटी कमाई’ के झांसे में आ रहे हैं।
- एजेंटों का जाल: सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने विज्ञापनों और फर्जी जॉब पोर्टल्स से सावधान रहने की सख्त जरूरत है।
- सुरक्षा का सवाल: युद्धग्रस्त इलाकों में नौकरी के नाम पर जा रहे युवाओं को यह नहीं पता होता कि वे किस तरह की परिस्थितियों में फंस सकते हैं।
- सरकारी दखल: केंद्र सरकार को अब इस पूरे नेटवर्क की जांच करनी चाहिए ताकि कानपुर या देश के किसी भी हिस्से का युवा किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का मोहरा न बने।
फिलहाल कानपुर प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए है, लेकिन स्नेहा की चीखें एक ऐसे सच को बयां कर रही हैं जिसे नजरअंदाज करना अब मुमकिन नहीं है।




