कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कानपुर और आसपास के इलाकों में चर्चित कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अपहरण के बाद हुई इस निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई एक तीखी मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपियों के पैर में गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया है।
जंगल में हुई मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्याकांड में शामिल आरोपी घटना के सबूत छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। जब पुलिस टीम आरोपियों को लेकर कालपी थाना क्षेत्र के जंगलों में निशानदेही के लिए पहुंची, तो वहां पहले से ही छिपे बदमाशों ने पुलिस पर हमला कर दिया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
जवाबी हमले में धराशायी हुए अपराधी
पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई में 6 राउंड गोलियां चलाईं। इस एनकाउंटर में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला नाम के दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद वे मौके पर ही गिर पड़े। पुलिस ने इस दौरान एक तीसरे आरोपी को भी दबोच लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर ही पुलिस ने अधिवक्ता का शव और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है।
मायने और प्रभाव
यह घटना कानून व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे को बहाल करने के लिहाज से बेहद अहम है। एक वकील की हत्या ने पूरे इलाके के कानूनी बिरादरी में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी थी। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई संदेश देती है कि जघन्य अपराध करने वालों के लिए अब कानून की राह मुश्किल है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में कड़ी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहा है, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।


