आज के दौर में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर गाली-गलौज और अश्लीलता का बोलबाला है, कानपुर के उभरते कलाकार कपिल कनपुरिया एक अलग लकीर खींच रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वे अपनी कला के साथ समझौता करके शोहरत पाने के हक में नहीं हैं।
सिद्धांतों के पक्के हैं कपिल
कपिल कनपुरिया ने हाल ही में अमर उजाला के साथ एक खास बातचीत में अपने करियर के कठिन फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें कई बड़े प्रोजेक्ट्स के ऑफर मिले, लेकिन स्क्रिप्ट में अत्यधिक अश्लीलता और गाली-गलौज होने के कारण उन्होंने उन्हें ठुकरा दिया।
उनका मानना है कि मनोरंजन ऐसा होना चाहिए जिसे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके। वे अपनी आने वाली वेबसीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ को लेकर काफी उत्साहित हैं, जो एक साफ-सुथरी कहानी पर आधारित है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?
कपिल का यह स्टैंड उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि बिना अश्लीलता के भी अभिनय की दुनिया में सम्मान के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
मायने और प्रभाव
इस फैसले के प्रभाव सीधे तौर पर आने वाली पीढ़ियों के कंटेंट उपभोग पर पड़ते हैं। जब कोई कलाकार स्टैंड लेता है, तो इसका असर पूरे उद्योग के नैरेटिव पर पड़ता है।
- कला का सम्मान: कपिल का दृष्टिकोण मनोरंजन को रचनात्मकता की ओर वापस ले जाने का प्रयास है।
- पारिवारिक मनोरंजन: दर्शकों की एक बड़ी आबादी अब अश्लील कंटेंट से ऊब चुकी है और साफ-सुथरी कहानियों की मांग कर रही है।
- नई उम्मीद: यह रुख कानपुर जैसे शहरों से आने वाले नए कलाकारों के लिए एक नई दिशा तय करता है।



