आगरा के स्वास्थ्य महकमे में शनिवार का दिन हंगामेदार रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे एनएचएम (NHM) संविदा कर्मियों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। गुस्साए कर्मचारियों ने न केवल सीएमओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया, बल्कि सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी शुरू कर दी।
सड़क से दफ्तर तक पहुंचा आक्रोश
आगरा के सीएमओ दफ्तर पर सुबह से ही कर्मचारियों का जमावड़ा शुरू हो गया था। जैसे ही कर्मचारियों को पता चला कि दफ्तर के गेट पर ताला लगा है, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते स्वास्थ्य कर्मी सड़क पर आ गए, जिससे इलाके में जाम की स्थिति पैदा हो गई। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मशक्कत के बाद ताला खुलवाकर स्थिति को संभाला।
मुख्य मांगे और कर्मचारियों का दर्द
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे सालों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन उन्हें नियमित करने या समान काम के लिए समान वेतन देने की सुध कोई नहीं ले रहा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- संविदा कर्मियों का तत्काल नियमितीकरण।
- कार्य के घंटों और वेतन विसंगतियों को दूर करना।
- सेवा सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा का लाभ।
मायने और प्रभाव
आगरा के सीएमओ कार्यालय पर हुआ यह प्रदर्शन केवल एक विभागीय विरोध नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के हजारों संविदा कर्मियों के असंतोष की झलक है। स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यदि संविदा कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो सीधा असर ओपीडी और टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं पर पड़ता है। प्रशासनिक अधिकारियों को अब इस मुद्दे पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान ढूंढना होगा, वरना आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।



