अलीगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। सड़क पर मामूली कहासुनी के बाद एक युवक की जान इतनी सस्ती हो गई कि उसे ऑडी कार से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस मामले में पुलिस ने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।
विवाद की शुरुआत और खौफनाक अंत
घटना का ब्यौरा चौंकाने वाला है। मृतक मनोज और उसका साथी कन्हैया बाइक से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक ऑडी कार के चालक ने लगातार हॉर्न बजाना शुरू किया। सड़क पर हुए इसी मामूली विवाद ने कुछ ही देर में खूनी खेल का रूप ले लिया।
मनोज और कन्हैया वहां से आगे निकल गए, लेकिन ऑडी सवार उनका पीछा करते रहे। हरि पर्ल गेस्ट हाउस के पास, करीब तीन सौ मीटर आगे, ऑडी कार ने पहले तो बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद, चालक ने जानबूझकर कार को मोड़ा और सड़क पर गिरे मनोज को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और प्राथमिकी
घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फिलहाल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के भतीजे की गिरफ्तारी हो चुकी है और कार चालक सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मायने और प्रभाव
यह घटना सड़कों पर बढ़ रहे ‘रोड रेज’ (Road Rage) और रसूख के नशे का एक जीता-जागता उदाहरण है। समाज में इस बात पर गहरी चिंता है कि आखिर एक मामूली विवाद में किसी की जान लेने का साहस लोग कैसे कर लेते हैं। आम जनता अब कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है और सख्त से सख्त सजा की मांग कर रही है। यह मामला पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है कि वीआईपी कल्चर और अपराध के बीच कानून का इकबाल कैसे कायम रखा जाए।

