अंबेडकरनगर में स्वतंत्रता दिवस की खुशियों के बीच मातम पसर गया। देश की रक्षा के लिए सरहद पर तैनात सीआरपीएफ का एक जांबाज जवान, जो छुट्टी लेकर अपने परिवार के पास घर आया था, एक बेहद दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। घर पर चारा मशीन का तार जोड़ते समय अचानक लगे जोरदार करंट ने जवान की जान ले ली।
क्या है पूरा मामला?
घटना जिले के एक गांव की है, जहां सीआरपीएफ जवान अपने परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के लिए पहुंचा था। शनिवार को जवान घर के काम में हाथ बंटा रहा था। इसी दौरान वह पशुओं के लिए चारा काटने वाली मशीन को ठीक करने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही उसने मशीन का तार जोड़ने की कोशिश की, उसे बिजली का जोरदार झटका लगा।
परिजनों के अनुसार, करंट का झटका इतना भीषण था कि जवान मौके पर ही अचेत हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे पास के अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर में पसरा मातम
जवान की मौत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। जो जवान देश की सुरक्षा में सीमा पर मुस्तैद रहता था, उसकी अपने ही घर में इस तरह से जान चले जाने से हर कोई स्तब्ध है।
मायने और प्रभाव
- सुरक्षा का सवाल: यह घटना हमें याद दिलाती है कि घरेलू बिजली उपकरणों के साथ काम करते समय कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है।
- परिवार पर गहरा असर: एक जवान का जाना न केवल उसके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह उन खतरों को भी उजागर करता है जो अक्सर हमारे घरों में अनजाने में छिपे होते हैं।
- जागरूकता की कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के उपकरणों के रख-रखाव और सुरक्षा मानकों (earthing/insulation) को लेकर जानकारी का अभाव अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों की वजह बनता है।
प्रशासन ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है। जवान का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है और गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।




