राम नगरी अयोध्या में इस बार दिवाली का जश्न और भी भव्य होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित होने वाले दीपोत्सव की अवधि को बढ़ाकर पांच दिन करने का बड़ा फैसला लिया है। अब राम की पैड़ी से लेकर पूरी अयोध्या पांच दिनों तक दीपों की रोशनी से नहाती नजर आएगी।
विधायक की मांग पर सीएम योगी का बड़ा निर्णय
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अयोध्या पहुंचे और राम की पैड़ी पर चल रही दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने मुख्यमंत्री के सामने आयोजन को एक दिन और विस्तारित करने का सुझाव रखा था। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं और आयोजन की भव्यता को देखते हुए तत्काल इस पर अपनी सहमति दे दी है।
अब 9 नवंबर को भी होगा खास कार्यक्रम
पहले दीपोत्सव के कार्यक्रम सीमित दिनों के लिए निर्धारित थे, लेकिन अब 9 नवंबर को भी अयोध्या में विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन ने अब पांच दिनों के हिसाब से सुरक्षा, सजावट और दीपकों के प्रबंधन को लेकर अपनी रणनीति बदलनी शुरू कर दी है।
- आयोजन का विस्तार: अब पांच दिन तक चलेगा उत्सव।
- पर्यटन को बढ़ावा: पांच दिन के कार्यक्रम से स्थानीय व्यापार को मिलेगा उछाल।
- सुरक्षा व्यवस्था: पांच दिनों तक हाई-अलर्ट पर रहेगी अयोध्या।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या होगा असर?
दीपोत्सव की अवधि बढ़ना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि इसके गहरे आर्थिक और सांस्कृतिक मायने हैं। पांच दिन के उत्सव का सीधा मतलब है कि अयोध्या आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी। इससे स्थानीय होटल, हस्तशिल्प और फूल विक्रेताओं के व्यवसाय में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। साथ ही, यह विस्तार विश्व मंच पर अयोध्या की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ की छवि को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री का यह फैसला स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला साबित होगा।