कानपुर में शुक्रवार का दिन उम्मीद से कहीं ज्यादा ठंडा रहा। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के असर ने शहर का मौसम पूरी तरह बदल दिया है। दिन भर छाई रही बादलों की चादर और रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी ने शहरवासियों को स्वेटर निकालने पर मजबूर कर दिया है।
तापमान में भारी गिरावट, ठिठुरन बढ़ी
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कानपुर का अधिकतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की वेधशाला ने सुबह से शाम तक करीब 3.6 मिमी बारिश दर्ज की है। तेज रफ्तार से चल रही पूर्वी हवाओं (9.2 किमी प्रति घंटा) ने माहौल में गलन घोल दी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम का हाल?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवाती दबाव और नमी के कारण शनिवार दोपहर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, रविवार से आसमान साफ होने की उम्मीद है।
- शनिवार: दोपहर तक बादल और हल्की बूंदाबांदी के आसार।
- रविवार: आसमान साफ होने की संभावना, धूप निकलने से राहत मिलेगी।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है खास?
तापमान में आई इस अचानक गिरावट का सीधा असर सेहत और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। बुजुर्गों और बच्चों को इस बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कृषि के नजरिए से देखें तो यह नमी फसलों के लिए अलग तरह का संकेत हो सकती है। वहीं, शहर में अचानक आई इस ठंड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कानपुर में सर्दियों की दस्तक हो चुकी है। घर से निकलते समय गर्म कपड़ों का साथ रखना अब जरूरी हो गया है, क्योंकि शाम होते ही हवाओं में ठंडक बढ़ जाती है।





