खुशियों के बीच पसरा मातम
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। असोहा थाना क्षेत्र के सरवन गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की हाइड्रोलिक अचानक ऊपर उठ गई, जिससे उसमें सवार दर्जनों लोग सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में चार साल की मासूम बच्ची आरोही की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 अन्य श्रद्धालु बुरी तरह घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ यह हादसा?
जानकारी के अनुसार, मौरावां थाना क्षेत्र के श्यानपुर गांव के ग्रामीणों ने पहली बार चंदा जुटाकर दुर्गा प्रतिमा स्थापित की थी। मंगलवार को जब ग्रामीण प्रतिमा विसर्जन के लिए भवरेश्वर स्थित सई नदी जा रहे थे, तभी मोहनलालगंज-मौरावां मार्ग पर यह हादसा हुआ। चलती हुई ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक ट्रॉली अचानक ऊपर उठ गई, जिससे ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और उसमें सवार महिलाएं व बच्चे सड़क पर आ गिरे।
अस्पताल में मची अफरातफरी
हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने चार साल की आरोही को मृत घोषित कर दिया, जो महज चार दिन पहले ही अपनी बुआ के घर आई थी। गंभीर रूप से घायल मनीषा और शोभा देवी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।
मायने और प्रभाव: लापरवाही या तकनीकी खराबी?
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है:
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी: अक्सर देखा जाता है कि धार्मिक आयोजनों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग सवारियां ढोने के लिए किया जाता है, जो पूरी तरह असुरक्षित है। यह हादसा भारी वाहन सुरक्षा मानकों के प्रति आम जनता की लापरवाही को दर्शाता है।
- तकनीकी जांच की जरूरत: क्या ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक में पहले से खराबी थी या अचानक तकनीकी खामी आई? यह जांच का विषय है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
- प्रशासन की जिम्मेदारी: उत्सवों के दौरान भारी भीड़ के आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से कड़े दिशा-निर्देश और निगरानी की आवश्यकता है ताकि खुशियां मातम में न बदलें।
आरोही की मौत ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।


