गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शन और बैरिकेडिंग पर चढ़ने की घटना को लेकर रवि किशन ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल को यही नहीं पता था कि उन्हें करना क्या है।
‘बैरिकेडिंग पर चढ़े, पर दिशाहीन रहे’
रवि किशन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘राहुल बाबा बैरिकेडिंग पर तो चढ़ गए, लेकिन उन्हें यह बिल्कुल नहीं पता था कि कबूतर उड़ाना है या क्या करना है। प्रदर्शन के दौरान वह पूरी तरह शून्य और दिशाहीन नजर आए।’ उन्होंने इसे कांग्रेस की हताशा करार देते हुए कहा कि केवल विरोध के लिए विरोध करना अब जनता समझ चुकी है।
विपक्ष के दावों पर सवाल
सांसद ने आगे कहा कि विपक्ष जिस चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है, उसकी निष्पक्षता पर शक करना गलत है। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने जनता का भरोसा जीता है। उन्होंने त्रिपुरा के पंचायत चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, जो यह साबित करता है कि जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है।
देश का युवा मोदी के साथ
‘आज का युवा और जेन-जी (Gen-Z) पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के साथ खड़ा है,’ रवि किशन ने दावा किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 25 वर्षों में (गुजरात और केंद्र) जो काम किया है, उसका नतीजा है कि हर वर्ग सरकार के साथ खड़ा है। चाहे मुफ्त राशन हो, पक्का मकान हो या फिर खेलों में भारत की बढ़ती धमक, हर जगह बदलाव साफ दिख रहा है।
मायने और प्रभाव: जनता पर क्या असर?
रवि किशन की यह टिप्पणी दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब ‘प्रदर्शन की राजनीति’ बनाम ‘विकास की राजनीति’ का नैरेटिव तेज हो गया है।
- राजनीतिक संदेश: भाजपा लगातार राहुल गांधी को ‘गंभीरता की कमी’ वाले नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, ताकि मध्यम वर्ग और युवाओं के बीच उनकी छवि पर सवाल उठाए जा सकें।
- विकास का नैरेटिव: रवि किशन ने अपनी बात में ‘डबल इंजन सरकार’ और 2047 तक भाजपा के रहने के दावे को मजबूती से रखा है, जो उत्तर प्रदेश के स्थानीय मतदाताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर देखने का संकेत है।
- असर: इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर भाजपा और इंडिया गठबंधन के बीच जुबानी जंग को और तेज कर सकती है।






