बरेली के भुता थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बृहस्पतिवार को खेत की सिंचाई करते समय करंट की चपेट में आने से मालिक और उनके साथ काम कर रहे नौकर की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना ने ग्रामीण इलाकों में बिजली के उपकरणों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत मालिक अपने नौकर के साथ मिलकर ट्यूबवेल चलाकर फसलों में पानी लगाने का काम कर रहा था। इसी दौरान बिजली के तार में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और करंट पानी के जरिए पूरे खेत में फैल गया। दोनों व्यक्ति इसकी चपेट में आ गए और जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रशासन की जांच जारी
स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भुता थाना पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर बिजली का तार लीकेज कैसे हुआ था और क्या इसमें किसी विभागीय लापरवाही की भूमिका है।

मायने और प्रभाव
यह घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के दौरान बिजली के असुरक्षित उपकरणों के उपयोग का एक बड़ा आईना है। इसके गहरे सामाजिक और सुरक्षात्मक प्रभाव हैं:
- बिजली सुरक्षा का अभाव: ग्रामीण इलाकों में पुराने और नंगे तारों का उपयोग आम बात है, जो मानसून या सिंचाई के समय जानलेवा बन जाते हैं।
- जागरूकता की कमी: ट्यूबवेल के आसपास सुरक्षा घेरा न होना और बिजली उपकरणों का समय पर मेंटेनेंस न कराना बड़ी मानवीय भूल साबित हो रही है।
- आर्थिक तबाही: परिवार के कमाने वालों की अचानक मौत से उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिसे प्रशासन को मुआवजा प्रक्रिया में प्राथमिकता देनी चाहिए।
हमारी सलाह है कि किसान भाई सिंचाई के दौरान बिजली के कनेक्शन और मोटरों की जांच किसी विशेषज्ञ इलेक्ट्रिशियन से जरूर कराएं और खेत में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।



