कानपुर के कोयलानगर एलीवेटेड हाईवे पर बुधवार देर रात एक खौफनाक नजारा देखने को मिला। मूंगफली से लदी एक डीसीएम गाड़ी अचानक आग का गोला बन गई। देखते ही देखते लपटें इतनी तेज हो गईं कि आसपास के वाहन चालकों के भी होश उड़ गए। गनीमत रही कि चालक और परिचालक ने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली।
शॉर्ट सर्किट बनी तबाही की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयपुर से मिर्जापुर जा रही इस डीसीएम में बीकानेर से मूंगफली भरी गई थी। चालक मुनेश बाबू और परिचालक राम बहादुर जैसे ही कोयला नगर एलिवेटेड हाईवे पर पहुंचे, तभी अचानक बोनट से धुआं निकलने लगा। बताया जा रहा है कि गाड़ी में शॉर्ट सर्किट हुआ था, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया।
जाम में फंसी यातायात व्यवस्था
आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि देखते ही देखते लाखों रुपये की मूंगफली जलकर खाक हो गई। इस घटना के कारण भौंती-रूमा हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है?
यह घटना हमें सड़क सुरक्षा के प्रति एक बार फिर सचेत करती है। चलती गाड़ियों में अचानक आग लगना न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनता है, बल्कि जान का खतरा भी बना रहता है।
- वाहन मेंटेनेंस: पुरानी गाड़ियों में वायरिंग की जांच समय पर न कराना ऐसी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता है।
- सुरक्षा उपकरण: हर भारी वाहन में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्नि शमन यंत्र) का होना अनिवार्य है, जो शायद इस हादसे में कारगर नहीं रहा।
- ट्रैफिक अलर्ट: हाईवे पर ऐसी घटनाओं से घंटों तक जाम लग जाता है, जिससे इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
चकेरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। चालक के मुताबिक, गाड़ी में रखा लाखों का माल पूरी तरह स्वाहा हो गया है, जो एक बड़ा आर्थिक झटका है।





