मेरठ के हस्तिनापुर में एक हसती-खेलती दुनिया पल भर में उजड़ गई। जिस घर में चार महीने पहले शहनाइयां बजी थीं, वहां आज मातम पसरा है। 24 वर्षीय नितिन नागर की गोलियों से छलनी लाश देख हर किसी की आंखें नम हैं।
शादी की खुशियां बनीं मातम
नितिन के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। चार महीने पहले ही प्रिया के साथ नितिन का विवाह हुआ था। अभी नई गृहस्थी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि हत्यारों ने उसके सपनों का खून कर दिया। घर के इकलौते चिराग के बुझ जाने से पिता सतीश नागर सदमे में हैं और शव देखते ही वे बेसुध होकर गिर पड़े।
दिल्ली पुलिस बनने का था सपना
नितिन केवल एक बेटा ही नहीं, बल्कि परिवार का भविष्य भी था। वह दिल्ली पुलिस की भर्ती के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा था। आगामी 3 अक्टूबर को उसका फिजिकल टेस्ट था, जिसके लिए उसने अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और एक साजिश ने उससे उसका सपना और जान दोनों छीन लीं।

मायने और प्रभाव
इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके कुछ प्रमुख पहलू हैं:
- बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति: दिनदहाड़े इस तरह की वारदात युवाओं के भविष्य और सुरक्षा के प्रति प्रशासन की विफलता को दर्शाती है।
- परिवार का भविष्य: इकलौते बेटे की हत्या से एक पूरे परिवार का आर्थिक और सामाजिक आधार टूट गया है।
- पुलिस की चुनौती: हस्तिनापुर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को अब सख्त एक्शन मोड में आना होगा।
स्थानीय लोग अब आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। न्याय की उम्मीद में पूरा कस्बा सड़कों पर उतर आया है।




