कानपुर के गोविंद नगर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई थी जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था। एक 13 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाने वाले रमन कुमार को अब अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रविकरण सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को 20 साल के कारावास और अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 18 मई 2022 का है। पीड़िता की मां ने गोविंद नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी बेटी अपनी परचून की दुकान पर बैठा करती थी। डीबीएस कॉलेज पुल के पास रहने वाला आरोपी रमन अक्सर वहां आता-जाता था।
आरोपी ने ना सिर्फ बच्ची के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि उसकी फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस घिनौने कृत्य का सहारा लेकर उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया।
कोर्ट का कड़ा रुख और न्याय की जीत
- सजा: कोर्ट ने आरोपी रमन कुमार को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
- जुर्माना: कैद के साथ ही उस पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
- सबूत: विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, पीड़िता की गवाही और ठोस सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
मायने और प्रभाव
इस फैसले का समाज में एक कड़ा संदेश जाना बेहद जरूरी है। जिस तरह से एक नाबालिग को ब्लैकमेल करके उसका शोषण किया गया, वह अपराध की पराकाष्ठा है। इस तरह के मामलों में 20 साल की सजा यह स्पष्ट करती है कि कानून बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
कानपुर जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं अभिभावकों के लिए भी एक सबक हैं। बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि ऐसी दरिंदगी को समय रहते रोका जा सके।




