कानपुर के रावतपुर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक बीबीए छात्रा को न केवल धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया, बल्कि उसे बुर्का पहनने और मस्जिद जाने का दबाव बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी हाफिज तौफीक रजा और एक महिला रूबी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
रावतपुर गांव के आदर्श नगर में रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। पड़ोस में रहने वाली रूबी नामक महिला के घर बच्चों को अरबी पढ़ाने के लिए हाफिज तौफीक रजा का आना-जाना था। आरोप है कि इसी दौरान पीड़िता को बहाने से बुलाया गया और उसे जबरन बुर्का पहनाकर फोटो खींच ली गई।
धर्मांतरण का जाल और दबाव
पीड़िता का आरोप है कि उसे चाय के बहाने बाहर ले जाया गया, जहाँ हाफिज पहले से मौजूद था। यहाँ से शुरू हुआ दबाव का दौर—उसे इस्लाम कबूल करने, नियमित नमाज पढ़ने और मस्जिद में रहने के लिए धमकाया गया। इस खौफ के कारण छात्रा ने नवंबर 2025 में अपना कॉलेज जाना तक छोड़ दिया था।
मायने और प्रभाव
- सुरक्षा पर सवाल: यह घटना स्थानीय समाज में सुरक्षा और भरोसे के वातावरण को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
- जागरूकता की जरूरत: ऐसे मामले यह बताते हैं कि शिक्षण के नाम पर किस तरह युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया जा सकता है।
- कानूनी कार्रवाई: रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ा रही है।
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है। शिक्षण और धार्मिक स्वतंत्रता की आड़ में किसी पर दबाव बनाना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनन एक बड़ा अपराध है। कानपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।




