कानपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने का सपना देख रहे लोगों को ठगों ने अपना शिकार बनाया है। कल्याणपुर इलाके में रहने वाले कुछ लोगों को अपना घर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शातिरों ने फर्जी दस्तावेज और रसीदें दिखाकर उनसे 1.25 लाख रुपये की चपत लगा दी।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित आकांक्षा सैनी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि बारासिरोही के रहने वाले आशीष वर्मा और शुक्लागंज के राहुल वर्मा ने उनसे और उनके चार परिचितों से संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को सरकारी योजनाओं से जुड़ा बताते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कॉलोनी दिलाने का भरोसा दिलाया।
ठगों ने पूरी चतुराई से पहले बैंक में पांच-पांच हजार रुपये जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये ऐंठे। इसके बाद ‘अन्य खर्चों’ के बहाने प्रति कॉलोनी 20 हजार रुपये के हिसाब से एक लाख रुपये और ले लिए। इस तरह कुल 1.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब किसी को कॉलोनी का कब्जा नहीं मिला, तो पीड़ितों को शक हुआ। उन्होंने जब सरकारी रिकॉर्ड की जांच करवाई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
- आरोपियों द्वारा दी गई आवंटन सूची पूरी तरह से फर्जी निकली।
- बैंक की जो रसीदें उन्हें दी गई थीं, वे भी जाली पाई गईं।
- पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।
कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आशीष वर्मा और राहुल वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इन ठगों के नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि इन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह घटना इस बात का कड़ा संदेश है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर दलालों से सावधान रहना कितना जरूरी है। याद रखें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन होती है।

आम जनता के लिए सलाह:
- किसी भी व्यक्ति को सरकारी काम के नाम पर नकद पैसे न दें।
- हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट (PM Awas Yojana portal) पर ही जानकारी चेक करें।
- अगर कोई दावा करे कि वह ‘पहुंच’ लगाकर आपको मकान दिला सकता है, तो समझ लीजिए कि वह आपको ठगने की कोशिश कर रहा है।



