सावन का पवित्र महीना अपने समापन की ओर है और मुरादाबाद में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर मुरादाबाद प्रशासन ने कमर कस ली है। रविवार सुबह छह बजे से दिल्ली-लखनऊ हाईवे को पूरी तरह से ‘जीरो ट्रैफिक ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है, जिससे कांवड़ियों की यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
हाईवे पर कांवड़ियों का राज, सामान्य वाहनों पर रोक
मुरादाबाद से होकर गुजरने वाले दिल्ली-लखनऊ हाईवे की दोनों लेन अब केवल कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित हैं। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार के अनुसार, मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन को ब्रजघाट की ओर जाने वाले कांवड़ियों के लिए खोला गया है, जबकि दिल्ली से आने वाली लेन गंगाजल लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित की गई है।
प्रशासन की सख्त निगरानी और रूट डायवर्जन
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हाईवे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भारी और हल्के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया गया है। यह सुरक्षा व्यवस्था सोमवार दोपहर दो बजे तक सख्ती से लागू रहेगी।
- फव्वारा चौराहे से दिल्ली रोड जीरो प्वाइंट तक बाइक के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध।
- गागन नदी के पुल पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष सुरक्षा घेरा।
- सामान्य वाहन चालकों से अपील: हाईवे के बजाय रूट डायवर्जन का पालन करें।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या होगा असर?
इस फैसले का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय यातायात पर पड़ा है। हालांकि आम यात्रियों को कुछ घंटों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा और आस्था का सम्मान सर्वोपरि है। मुरादाबाद में लागू यह ‘जीरो ट्रैफिक’ मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि धार्मिक यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना न हो। शहर के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में यह व्यवस्था शांतिपूर्ण और व्यवस्थित यात्रा के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो स्थानीय प्रशासन की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।




