"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

हाथरस हादसा: तेरहवीं के भोज के दौरान अचानक गिरी मकान की छत, बाल-बाल बचे पंडित और परिजन

हाथरस के सासनी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक घर में मातम के बीच खुशियों की तरह मंडरा रहा काल अचानक छत बनकर टूट पड़ा। घर में तेरहवीं (त्रयोदशी संस्कार) का आयोजन चल रहा था और पंडित जी समेत कई लोग भोजन कर रहे थे, तभी अचानक मकान की छत भरभराकर नीचे आ गिरी।

तेरहवीं के बीच मचा हाहाकार

यह घटना सासनी कस्बे की है। घर में परिवार के सदस्य और रिश्तेदार तेरहवीं के अनुष्ठान में व्यस्त थे। बारिश के कारण मकान पहले से ही काफी जर्जर हालत में था, जिसे परिवार वाले नजरअंदाज कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर बाहर की तरफ भागे।

कैसे हुआ हादसा?

  • जर्जर मकान: लगातार हो रही बारिश की वजह से छत की नींव और गडर कमजोर हो गए थे।
  • अचानक धमाका: भोजन के दौरान अचानक तेज आवाज के साथ छत का मलबा नीचे आ गिरा।
  • बड़ा हादसा टला: गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में आने के बावजूद वहां मौजूद पंडित जी और परिजन बाल-बाल बच गए।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए सीख

यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो पुराने या जर्जर मकानों में रहने का जोखिम उठा रहे हैं। सासनी जैसे इलाकों में कई पुराने मकान हैं जो मॉनसून की पहली बारिश के बाद बेहद खतरनाक हो जाते हैं। स्थानीय प्रशासन और मकान मालिकों को ऐसे जर्जर ढांचों का तुरंत सर्वे करना चाहिए। एक छोटा सा लापरवाह कदम किसी दिन किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। बारिश के मौसम में पुराने मकानों की मरम्मत या खाली करना ही सुरक्षा का एकमात्र विकल्प है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment